Summary — Konkani
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The Konkani meaning of each verse is shown below the verse.
भ॒वोद्भ॑वाय॒ नमः॑ ॥ 1
bha॒vodbha̭vāya॒ namaḥ̭ || 1
प्रत्येक भवांत आनी भवाच्या उत्पत्तीक म्हाका भवस्व, अतिभव न्हय. भवोद्भवाक नमस्कार. AI
वामदेवाक नमस्कार, ज्येष्ठाक नमस्कार, श्रेष्ठाक नमस्कार, रुद्राक नमस्कार, कालाक नमस्कार, कलविकरणाक नमस्कार, बलविकरणाक नमस्कार, बलाक नमस्कार, बलप्रमथनाक नमस्कार, सर्वभूतदमनाक नमस्कार, मनोन्मनाक नमस्कार. AI
सर्वे᳚भ्य-स्सर्व॒शर्वे᳚भ्यो॒ नम॑स्ते अस्तु रु॒द्ररू॑पेभ्यः ॥ 3
sarve᳚bhya-ssarva॒śarve᳚bhyo॒ nama̭ste astu ru॒drarṷ̄pebhyaḥ || 3
अघोरांक, आनी घोरांक, घोरघोरतरांक, सर्वांक, सर्वशर्वांक, हे रुद्ररूपांक, तुका नमस्कार असो. AI
तन्नो॑ रुद्रः प्रचो॒दया᳚त् ॥ 4
tanno̭ rudraḥ praco॒dayā᳚t || 4
त्या पुरुषाक आमी जाणतात, महादेवाक ध्यान करतात. तो रुद्र आमचें प्रचोदन करूं. AI
ब्रह्माधि॑पति॒र्ब्रह्म॒णो-ऽधि॑पति॒र्ब्रह्मा॑ शि॒वो मे॑ अस्तु सदाशि॒वोम् ॥ 5
brahmādhi̭pati॒rbrahma॒ṇo-'dhi̭pati॒rbrahmā̭ śi॒vo mḙ astu sadāśi॒vom || 5
ईशान सर्व विद्यांचो, ईश्वर सर्व भूतांचो, ब्रह्माधिपती, ब्रह्माचो अधिपती, ब्रह्मा शिव आनी सदाशिव म्हाका असो. AI