📚 Dwadasha Stotra

শ্রী মধ্বাচার্য কৃত দ্বাদশ স্তোত্র - নবমস্তোত্রম্

Stotra 9

✍️ Author Madhvacharya 📂 Stotram 🖋️ Bengali script 🔢 15 verses 33 views
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🖋️ Script: অসমীয়া ▾
⚠️ AI-generated translation — the Hindi meaning was produced by AI and automatically cross-checked against the Sanskrit, but it may still contain errors. It has not yet been reviewed by a scholar. Please refer to a traditional commentary for study.
Summary — Hindi
यह श्री मध्वाचार्य कृत द्वादश स्तोत्र का नवमस्तोत्र है, जिसमें भगवान राम को बार-बार शरण के रूप में पुकारा गया है। प्रत्येक श्लोक में राम को अत्यंत शुभ कथाओं का आश्रय, परम सत् से प्रकट और जगत का एकमात्र कारण कहा गया है, तथा रमा (लक्ष्मी) के रमण के रूप में उनका स्मरण किया गया है। स्तोत्र में भगवान के मत्स्य, कूर्म, शूकर, नृहरि, अजित, वीर, रघुकुल श्रेष्ठ, यदुकुल श्रेष्ठ और कल्कि आदि रूपों का वर्णन करते हुए हर श्लोक में 'आप मेरी शरण बनिए' की प्रार्थना की गई है। अंतिम श्लोकों में उन्हें समस्त सृष्टियों के प्रलय का कारण और परम पुरुषोत्तम कहा गया है।

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The Hindi meaning of each verse is shown below the verse.

Meaning —
অথ নবমস্তোত্রম্
Verse 1
অতিমততমোগিরিসমিতিবিভেদন পিতামহভূতিদ গুণগণনিলয ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 1॥
atimatatamogirisamitivibhedana pitāmahabhūtida guṇagaṇanilaya |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 1||

हे अत्यंत तमोगुण-रूपी पर्वतों की समूह को विदीर्ण करने वाले, ब्रह्मा आदि को उत्पन्न करने वाले, गुणों के समूह के निवास, अत्यंत शुभ कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, रामा (लक्ष्मी) के रमण (पति) राम! आप मेरी शरण बनिए ॥ 1॥ AI

Verse 2
বিধিভবমুখসুরসততসুবন্দিতরমামনোবল্লভ ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 2॥
vidhibhavamukhasurasatatasuvanditaramāmanovallabha bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 2||

हे विधि (ब्रह्मा) और शिव आदि देवताओं द्वारा निरंतर भली-भाँति वंदित, रमा (लक्ष्मी) के मन के प्रिय! आप मेरी शरण बनिए। हे अत्यंत शुभ कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, रामा के रमण राम! ॥ 2॥ AI

Verse 3
অগণিতগুণগণমযশরীর হে বিগতগুণেতর ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 3॥
agaṇitaguṇagaṇamayaśarīra he vigataguṇetara bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 3||

हे अगणित गुणों के समूह से युक्त शरीर वाले, गुणों से रहित (दोषों से रहित) हे प्रभो! आप मेरी शरण बनिए। हे अत्यंत शुभ कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, रामा के रमण राम! ॥ 3॥ AI

Verse 4
অপরিমিতসুখনিধিবিমলসুদেহ হে বিগত সুখেতর ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 4॥
aparimitasukhanidhivimalasudeha he vigata sukhetara bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 4||

हे अपरिमित सुख के निधान, निर्मल सुंदर देह वाले, सुख से भिन्न (दुःख) से रहित हे प्रभो! आप मेरी शरण बनिए। हे अत्यंत शुभ कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, रामा के रमण राम! ॥ 4॥ AI

Verse 5
প্রচলিতলযজলবিহরণ শাশ্বতসুখমযমীন হে ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 5॥
pracalitalayajalaviharaṇa śāśvatasukhamayamīna he bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 5||

हे प्रलय के जल में विहार करने वाले, शाश्वत सुखमय मीन (मत्स्य) रूप! आप मेरी शरण बनिए। हे अत्यंत शुभ कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, रामा के रमण राम! ॥ 5॥ AI

Verse 6
সুরদিতিজসুবলবিলুলিতমন্দরধর পর কূর্ম হে ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 6॥
suraditijasubalavilulitamandaradhara para kūrma he bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 6||

हे देवताओं और दैत्यों की बलवान सेनाओं से कंपित मंदराचल को धारण करने वाले श्रेष्ठ कूर्म (कछुए) रूप! आप मेरी शरण बनिए। हे अत्यंत शुभ कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, रामा के रमण राम! ॥ 6॥ AI

Verse 7
সগিরিবরধরাতলবহ সুসূকরপরমবিবোধ হে ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 7॥
sagirivaradharātalavaha susūkaraparamavibodha he bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 7||

हे श्रेष्ठ पर्वतों सहित पृथ्वी को धारण करने वाले, अत्यंत बलवान शूकर रूप, परम ज्ञानस्वरूप! आप मेरी शरण बनिए। हे अत्यंत शुभ कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, रामा के रमण राम! ॥ 7॥ AI

Verse 8
অতিবলদিতিসুত হৃদয বিভেদন জযনৃহরেঽমল ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 8॥
atibaladitisuta hṛdaya vibhedana jayanṛhare'mala bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 8||

हे अत्यंत बलवान दिति के पुत्र (हिरण्यकशिपु) के हृदय को विदीर्ण करने वाले, विजयी नृहरि (नरसिंह), निर्मल! आप मेरी शरण बनिए। हे अत्यंत शुभ कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, रामा के रमण राम! ॥ 8॥ AI

Verse 9
বলিমুখদিতিসুতবিজযবিনাশন জগদবনাজিত ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 9॥
balimukhaditisutavijayavināśana jagadavanājita bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 9||

हे बलि आदि दैत्यों के विजय का नाश करने वाले, जगत की रक्षा करने वाले अजित! आप मेरे शरण होइए। हे शुभतम कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, राम, रमा के रमण! AI

Verse 10
অবিজিতকুনৃপতিসমিতিবিখণ্ডন রমাবর বীরপ ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 10॥
avijitakunṛpatisamitivikhaṇḍana ramāvara vīrapa bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 10||

हे अविजित नामक कुटिल राजाओं की सभा को विखंडित करने वाले, रमा के वर, वीरप! आप मेरे शरण होइए। हे शुभतम कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, राम, रमा के रमण! AI

Verse 11
খরতরনিশিচরদহন পরামৃত রঘুবর মানদ ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 11॥
kharataraniśicaradahana parāmṛta raghuvara mānada bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 11||

हे खर और दूषण जैसे अत्यंत क्रूर निशाचरों को जलाने वाले, परम अमृत स्वरूप, रघुकुल श्रेष्ठ, मान देने वाले! आप मेरे शरण होइए। हे शुभतम कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, राम, रमा के रमण! AI

Verse 12
সুললিততনুবর বরদ মহাবল যদুবর পার্থপ ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 12॥
sulalitatanuvara varada mahābala yaduvara pārthapa bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 12||

हे अत्यंत सुंदर शरीर वाले श्रेष्ठ, वरद, महाबल, यदुकुल श्रेष्ठ, पार्थ के रक्षक! आप मेरे शरण होइए। हे शुभतम कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, राम, रमा के रमण! AI

Verse 13
দিতিসুতবিমোহন বিমলবিবোধন পরগুণবুদ্ধ হে ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 13॥
ditisutavimohana vimalavibodhana paraguṇabuddha he bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 13||

हे दैत्यों को मोहित करने वाले, निर्मल विबोधन, परगुणबुद्ध! आप मेरे शरण होइए। हे शुभतम कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, राम, रमा के रमण! AI

Verse 14
কলিমলহুতবহ সুভগ মহোত্সব শরণদ কল্কীশ ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 14॥
kalimalahutavaha subhaga mahotsava śaraṇada kalkīśa bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 14||

हे कलियुग के मल को हवन करने वाले अग्नि स्वरूप, सुभग, महोत्सव, शरण देने वाले कल्कि भगवान! आप मेरे शरण होइए। हे शुभतम कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, राम, रमा के रमण! AI

Verse 15
অখিলজনিবিলয পরসুখকারণ পরপুরুষোত্তম ভব মম শরণম্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 15॥
akhilajanivilaya parasukhakāraṇa parapuruṣottama bhava mama śaraṇam |
śubhatama kathāśaya paramasadodita jagadekakāraṇa rāmaramāramaṇa || 15||

हे समस्त जन्मों (सृष्टियों) के विनाश (प्रलय) के कारण, परम सुख के कारण, परम पुरुषोत्तम! आप मेरे शरण होइए। हे शुभतम कथाओं के आश्रय, परम सत् से प्रकट, जगत के एकमात्र कारण, राम, रमा के रमण! AI

ইতি তব নুতিবরসততরতের্ভব সুশরণমুরুসুখতীর্থমুনেঃ ভগবন্ ।
শুভতম কথাশয পরমসদোদিত জগদেককারণ রামরমারমণ ॥ 16॥
ইতি শ্রীমদানন্দতীর্থভগবত্পাদাচার্য বিরচিতং
দ্বাদশস্তোত্রেষু নবমস্তোত্রং সম্পূর্ণম্
Sanskrit — Devanagari (original)
अथ नवमस्तोत्रम्
अतिमततमोगिरिसमितिविभेदन पितामहभूतिद गुणगणनिलय ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 1॥
विधिभवमुखसुरसततसुवन्दितरमामनोवल्लभ भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 2॥
अगणितगुणगणमयशरीर हे विगतगुणेतर भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 3॥
अपरिमितसुखनिधिविमलसुदेह हे विगत सुखेतर भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 4॥
प्रचलितलयजलविहरण शाश्वतसुखमयमीन हे भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 5॥
सुरदितिजसुबलविलुलितमन्दरधर पर कूर्म हे भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 6॥
सगिरिवरधरातलवह सुसूकरपरमविबोध हे भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 7॥
अतिबलदितिसुत हृदय विभेदन जयनृहरेऽमल भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 8॥
बलिमुखदितिसुतविजयविनाशन जगदवनाजित भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 9॥
अविजितकुनृपतिसमितिविखण्डन रमावर वीरप भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 10॥
खरतरनिशिचरदहन परामृत रघुवर मानद भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 11॥
सुललिततनुवर वरद महाबल यदुवर पार्थप भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 12॥
दितिसुतविमोहन विमलविबोधन परगुणबुद्ध हे भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 13॥
कलिमलहुतवह सुभग महोत्सव शरणद कल्कीश भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 14॥
अखिलजनिविलय परसुखकारण परपुरुषोत्तम भव मम शरणम् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 15॥
इति तव नुतिवरसततरतेर्भव सुशरणमुरुसुखतीर्थमुनेः भगवन् ।
शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥ 16॥
इति श्रीमदानन्दतीर्थभगवत्पादाचार्य विरचितं
द्वादशस्तोत्रेषु नवमस्तोत्रं सम्पूर्णम्
🕉️ This is the original Sanskrit rendered in Bengali script. Pronunciation is identical to the Sanskrit Devanagari version. It is a transliteration, not a translation — see “Meaning” for translations where available.
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